slide3-bg



दिमाग में धार हो तो इंसान बन जाता है आइंस्टीन - संत ललितप्रभ स्मरण-शक्ति बढ़ाने से जुड़े भ्रामरी प्राणायाम के प्रयोग से गुंजायमान हुआ पांडाल

बैंगलोर

19 Jul 2017

राष्ट्र-संत महोपाध्याय ललितप्रभ सागर महाराज ने कहा कि जीवन में सबसे मूल्यवान चीज है दिमाग। शरीर के सारे अंग स्वतः विकसित होते हैं, पर दिमाग को विकसित करना पड़ता है। जैसे पड़ी पड़ी कुल्हाड़ी में जंग लग जाती है ठीक वैसे ही बिना उपयोग के दिमाग भी जंगली हो जाता है, पर जो लोग दिमाग का सही उपयोग करके उसे धारदार बना देते हैं वे आने वाले कल
में आइंस्टीन बन जाते हैं। याद रखें, सौ शास्त्र मिलकर एक दिमाग का निर्माण नहीं कर सकते, पर एक दिमाग लग जाए तो वह अकेला सौ शास्त्रों का निर्माण कर सकता है।

संत ललितप्रभ बुधवार को मराठा हॉस्टल मैदान में मेमोरी पावर बढ़ाने के सीक्रेट्स विषय पर जनसमुदाय को संबोधित कर हरे थे। उन्होंने कहा कि दिमाग के तीन दुश्मन हैं -  गुस्सा, चिंता और ईष्र्या। गुस्सा करने से बड़ों का भाग्य और बच्चों का दिमाग कमजोर हो जाता है। बार-बार एक ही बात के बारे में सोचने और चिंता करने से मानसिक शक्ति अवरुद्ध हो जाती है। ईष्र्या
दिमाग को सुखाने का काम करती है। इसलिए हमें जो मिला है, जैसा मिला है उसमें हम खुश रहें और चिंता, गुस्सा और ईष्र्या से बचने की कोशिश करें। ऐसा करके हम न केवल शांत मन के मालिक बनेंगे वरन् हमारा दिमाग भी तेजस्वी
बन जाएगा। दिमाग में भी पौष्टिक खुराक डालें-संतप्रवर ने कहा कि हम पेट में दिन में तीन बार पौष्टिक खुराक डालते हैं, पर दिमाग में? शरीर से भी पहले जरूरी है कि हम दिमाग में सद्विचारों की षौष्टिक खुराक डालें। दिमाग में अपार संभावनाएँ छिपी पड़ी हैं। अगर सत्तर साल का बूढ़ा आदमी भी ठान ले तो वह एक साल में पूरे प्रतिक्रमण को याद कर सकता है। खुले दिमाग का मालिक बनने की प्रेरणा देते हुए संतप्रवर ने कहा कि हमारा दिमाग किसी पेराशूट की तरह है। अगर यह बंद रहेगा तो कोई काम नहीं आएगा, पर इसे खोल दिया जाए तो यह ताकतवर बन जाएगा। भ्रामरी प्राणायाम के प्रयोग से गुंजायमान हुआ पांडाल-संतप्रवर ने कहा कि सम्पूर्ण योगशास्त्र में स्मरण शक्ति बढ़ाने के लिए भ्रामरी प्राणायाम रामबाण प्रयोग है। हम सीधे बैठें, दोनों हाथों की मुट्ठी बाँधकर पहली अंगुली को कान में डालें। फिर भंवरे की तरह 11 या 21 बार गुंजन करें। मात्र तीन महिनों में हमारी स्मरण शक्ति में चमत्कारिक परिवर्तन आ जाएगा। जब संतप्रवर ने मराठा हॉस्टल मैदान में हजारों-हजार भाई-बहिनों को भ्रामरी प्राणायाम का प्रयोग करवाया तो भंवरे जैसी गूँज से पूरा पांडाल गुंजायमान हो उठा। मेमोरी बढ़ाने के बताए पावरफुल तरीके-मेमोरी बढ़ाने के पावरफुल तरीके बताते हुए संतप्रवर ने कहा कि सुबह जल्दी जगने की आदत डालें। सुबह की हवा दिमाग
के लिए सौ दवाओं जितना काम करती है। चुटकी लेते हुए संतश्री ने कहा कि ये तो अच्छा है कि भारत में स्कूलें जल्दी खुलती हैं, अन्यथा आधा भारत सुबह 8 बजे तक बिस्तरों में ही सोया पड़ा मिलता। जो लोग उगते हुए सूर्य को देखते हैं उनके भाग्य सदा उदित रहते हैं, डूबते हुए सूरज को देखने वालों के भाग्य भी डूब जाते हैं। याद रखें, आज तक जिन्होंने भी कुछ पाया है
जागकर ही पाया है, सोकर के तो सपनों के अलावा कुछ नहीं मिलता। दूसरे तरीके में संतप्रवर ने सुबह उठकर 1 मिनट तक मुस्कुराने की प्रेरणा दी। मुस्कान दिमाग के लिए विटामिन का काम करती है। तीसरे तरीके  में उन्होंने कहा कि सीधी कमर बैठें विशेषकर जब हम पढ़ रहे हों, इससे हमारी ज्ञान ग्रहण करने की क्षमता बढ़  जाएगी। अन्य तरीकों में उन्होंने ललाट के मध्यआज्ञा चक्र पर पाँच मिनट ध्यान करने, गहरी नींद लेने, सर्दी में ब्राह्मीपत्ती-शंखपुष्पी नामक आयुर्वेदिक दवाई लेने, एकांत में और एकाग्र मन से पढ़ाई करने और प्रतिदिन आधा घंटा अच्छी पुस्तकें पढने की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा कि उखड़े मन से छरू घंटे पढने की बजाय एकाग्र मन से एक घंटा पढना ज्यादा श्रेष्ठ है। जो लोग प्रतिदिन आधा घंटा अच्छी किताबें
पढ़तेे हैं वे आने वाले पाँच साल में पारंगत विद्वान बन जाते हैं। समारोह में लाभार्थी परिवार श्री छगनराजजी, तल्लाजी दांतेवाडिया, संघवी श्रीमती कमलादेवी-रुपचंदजी पालरेचा, अशोकजी चैपड़ा, इंदौर से पवन जैन ने दीपप्रज्वलन कर किया।


Event Gallery


Our Lifestyle

Features