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राष्ट्र-संत चन्द्रप्रभ कैसा रखें स्वभाव कि सब पर पड़े प्रभाव

बेंगलुरु

04 Jul 2017

राष्ट्र-संत श्री चन्द्रप्रभ महाराज ने कहा किपरिस्थितियों का अनुकूल या प्रतिकूल होना हमारे हाथ में नहीं है, परमनःस्थिति को अनुकूल बनाए रखना हमारे हाथ में है। परिस्थितियों काप्रतिकूल होना आर्ट ऑफ लाइफ है, पर प्रतिकूल परिस्थितियों में भी मन की स्थिति को सहज और शांतिपूर्ण रखना आर्ट ऑफ लाइफ है। श्री चन्द्रप्रभ यहाँ चामराज पेट स्थित मराठा हॉस्टल मैदान में खुश रहने के सबसे अचूक मंत्र विषय पर जनमानस को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि जीवन को सुन्दर और खुशहाल बनाने के लिए 4 एच का फार्मूला हममें से हर  किसी इंसान को अपने जीवन के साथ जोडना होगा - 1. हैप्पीनेस 2. हैल्दीनेस
3. हॉनेस्ट लाइफ और 4. हाई थिंकिं ग । उन्होंने हैप्पीनेस पर जोर देते हुए बी हैप्पी नो बीपी का मंत्र दिया। उन्होंने कहा कि एक घंटे की खुशी चाहिए तो जहाँ बैठे हैं वहीं झपकी मार लीजिए। एक दिन की खुशी चाहिए तो ऑफिस से छुट्टी मारिए। एक सप्ताह की खुशी चाहिए तो गोवा या ऊटी में जाकर पिकनिक मनाइए। एक महिने की खुशी चाहिए तो शादी कर लीजिए। एक साल की खुशी चाहिए तो किसी अमीर के गोद चले जाइए, पर जिंदगी भर के लिए खुशी चाहिए तो हर हाल में मुस्कुराने और खुश रहने की आदत डाल लीजिए।  राष्ट्र-संत ने कहा कि जीवन में जितनी हैप्पीनेस की जरूरत है उतनी हीहैल्दीनेस की भी आवश्यकता है। हमें प्रतिदिन योग, प्राणायाम और ध्यान जैसे प्रयोगों को अवश्य करना चाहिए। हेल्थ के प्रति यदि सारा भारत अवेयरनेस ले आए तो अस्पतालों की जरूरत आधी रह जाएगी। हमारा हार्ट 24 घंटे चलता है। हमारे हार्ट की हर इंसान से गुजारिश है कि तुम हर सुबह 24 मिनट चलो ताकि मुझे जिंदगी भर चलने में कोई दिक्कत न रहे। उन्होंने जन मानस को खास तौर पर यह सबक सिखाया कि हमें आधा किलोमीटर तक यदि कोई सामान लेने जाना हो तो वाहन का उपयोग न करें बल्कि पैदल जाएँ और 2 मंजिल तक लिफ्ट का उपयोग न करें। यह शरीर को स्वस्थ और सक्रिय रखने की दिशा में पहला सार्थक कदम है।

उन्होंने हॉनेस्ट लाइफ पर जोर देते हुए जी.एस.टी. की नई व्यवस्था का अभिनंदन किया और कहा कि यदि ऐसी किसी व्यवस्था से भारत से भ्रष्टाचार और काले तथा सफेद धन का भेद हटता है तो भारत के समस्त महापुरुषों की आत्मा प्रसन्न होगी जिसे जीवन, समाज और देश में लागू करने के लिए उन्होंने अनगिनत प्रवचन और उपदेश दिये। उन्होंने कहा कि हमें हाई थिंकिंग के
फार्मूले को अपने जीवन के साथ जोड़कर ऊँची सोच का मालिक बनना चाहिए। हम योगासन करके भले ही अपनी हाइट 2 फुट न बढ़ा सकते हों, पर अपनी सोच को ऊँचा  उठाकर हिमालय से भी ऊँचा उठ सकते हैं। समारोह का शुभारंभ जीतो के चेयरमैन तेजराज गोलेच्छा, सुमित्रा दुग्गड़ एवं हनुमानसिंह चैहान ने दीपप्रज्वलन कर किया। 


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